बसंत के रंग में रंगा ब्रजभूमि,

0
117

मंदिरों से लेकर सड़कों तक दिखा बसंती रंग

दीपक चतुर्वेदी बैंकर
मथुरा (श्रीजी एक्सप्रेस)। बसंत पंचमी का त्यौहार और रविवार एक साथ होने के कारण बृज में बसंत उत्सव की धूम मची रही। इस दौरान मंदिरों से लेकर घरों तक और बाजारों में भी बसंत की बहार नजर आई। बृज के प्रत्येक छोटे-बड़े मंदिरों में ठाकुर जी ने बसंती वस्त्र आभूषण के अलावा बसंती फूलों के मध्य बसंत रंग में रंगा हुआ प्रसाद ग्रहण किया। वहीं महिलाओं और बच्चों द्वारा भी बसंती कपड़े पहन कर बसंत पंचमी का उत्सव मनाया, शहर के ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में राजभोग दर्शन के दौरान ठाकुर जी बसंत के रंग में रंगे नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर में गुलाल की शुरुआत हो गई। जिसको ग्रहण कर भक्तों ने स्वयं को धन्य किया। यमुनापार स्थित ग्राम ईशापुर के प्राचीन दुर्वासा ऋषि मंदिर पर रविवार को बसंत पंचमी के मौके पर भव्य मेला लगा। जहां सुबह से देर शाम तक स्थानीय एवं दूरदराज के ग्रामीण अंचल से आए हुए, लोगों ने दर्शन कर पुण्य कमाया सैकड़ों की संख्या में लोगों ने दुर्वासा ऋषि दर्शन के दौरान परंपरागत रूप से नावों के माध्यम से दुर्वासा ऋषि पहुंचकर दर्शन किये। इस दौरान तमाम श्रद्धालु भक्तों ने बताया कि वह हर साल बसंत पंचमी के अवसर पर नाव में बैठकर यमुनापार पहुंचते हैं और दुर्वासा ऋषि के दर्शन करते हैं। शहर के मल्लपुरा स्थित प्राचीन केशव देव मंदिर पर भी दोपहर बाद बसंत पंचमी मेला का आयोजन किया गया। इस दौरान ठाकुर केशव देव के श्री विग्रह को पीले वस्त्र धारण कराए गए और समूचे मंदिर को भव्य आकर्षक रूप से सजाया संवारा गया। मथुरा के अलावा वृंदावन में भी शाह जी मंदिर में बसंती कमरा खोला गया।

बृज नगरी में बंसती भेशभूषा में ठाकुरजी व राधारानी।

इस दौरान दूर-दराज से आए हुए श्रद्धालु भक्तों ने शाह जी मंदिर में स्थित बसंती कमरे को निहार कर स्वयं को धन्य किया। यहां पर विभिन्न रंगों के बेशकीमती झाड़ फानूस गोलाकार छत पर की गई। आकर्षक नक्काशी के अलावा विभिन्न रंगों के दर्पण और स्वर्णमयी दीवार को देख कर एक बार तो श्रद्धालु भक्त भी चकित रह गए, बसंत पंचमी से एक दिन पहले ब्रज के राजा दाऊ दयाल के बल्देव में होली का डांडा गाढ़ा गया। इस दौरान उड़त गुलाल लाल भए बदरा रसिया के ब्रज में आज से उड़े रे गुलाल के साथ समाज गायन की शुरुआत हुई। वृंदावन के ही ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बसंत पंचमी के दिन चालीस दिवसीय फाग महोत्सव की शुरुआत हो गई। इस दौरान मंदिर के सेवायतों द्वारा श्रद्धालु भक्तों पर प्रसाद रूपी गुलाल अबीर उड़ाया गया। बसंत पंचमी के अवसर पर शहर में अलग-अलग स्थानों पर तथा शिक्षण संस्थानों में माँ सरस्वती की भी पूजा अर्चना की गई।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here