‘21वीं शताब्दी की चुनौतियां और इस्लाम’ विषय पर आयोजित हुई राष्ट्रीय सेमीनार

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भारत विभिन्न धर्मो वाला देश, सभी का सम्मान जरूरीः शाहिद

अलीगढ़, (पंकज धीरज) ,(श्रीजी एक्सप्रेस) । एएमयू के शिया धर्मशास्त्र विभाग द्वारा 21वीं शताब्दी की चुनौतियां और इस्लाम विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली के पूर्व कुलपति शाहिद महदी ने कहा कि भारत विभिन्न धर्मो वाला देश है और सभी को एक दूसरे के धर्मो का सम्मान व आदर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 21 वीं शताब्दी जो अभी प्रारंभ हुई है और जिसके अभी अस्सी वर्ष शेष बचे हैं उसमे ंपेश आने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए ठोस रणजीति तैयार किये जाने की आवश्यकता है। श्री महदी ने कहा कि वर्तमान समय में जिन चुनौतियों का सामना है उनमें महिलाओं के अधिकार, मुसलमानों में नेतृत्व तथा आंदोलन का अभाव आदि प्रमुख्य रूप से शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा कि इन चुनौतियों से कैसे बाहर निकला जा सकता है। पूर्व कुलपति ने कहा कि इस्लाम एक वैश्विक धर्म है और इसमें समस्त चुनौतियों का हल मौजूद है।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि अपनी समस्याओं के लिए दूसरों को दोष देने की बजाए स्वंय उसके हल व निवारण के लिए कार्य करना चाहिए।
सेंटर फॉरइंटरफेथ अंडर स्टेडिंग के निदेशक प्रो. एस अली मुहम्मद नकवी ने कहा कि हर दौर में नई चुनौतियां उभर कर सामने आती हैं लेकिन समय के अनुसार उनका मुकाबला भी किया जाता है।
सेमीनार को तौकीर आलम फलाही ने भी अपने विचार व्यक्त किये। डा. सैयद मुहम्मद असगर ने उपस्थितजनों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डा. सैयद हादी रजा तकवी ने किया। सेमीनार में देश भर के प्रमुख विद्वान भाग ले रहे हैं।

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