22 हजार गेस्ट टीचरों के साथ खड़े थे, खड़े हैं और खड़े रहेंगे : मनोज तिवारी

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नई दिल्ली। श्रीजी एक्सप्रेस
दिल्ली के 22 हजार गेस्ट टीचर, सेवाएं समाप्त होने एवं उनके नियमित किये जाने की मांग को लेकर दिल्ली सरकार के खिलाफ उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया के घर के बाहर धरने पर बैठे हुये है। आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी 22 हजार गेस्ट टीचरों को अपना समर्थन देने उनके बीच गये।
धरने पर बैठे शिक्षकों को सम्बोधित करते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि यहां एकत्रित गेस्ट टीचर की अपार भीड़ दिल्ली सरकार से अपने हक की लड़ाई लड़ रही है। केजरीवाल सरकार ने शिक्षा के नाम पर बड़े बड़े दावे किये लेकिन जब भी गेस्ट टीचरों को नियमित करने या उनके हितों की बात आई तो आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू कर दी। झूठ बोल कर जनता को गुमराह करना दिल्ली के मुख्यमंत्री की राजनीति का प्रमुख उद्धेश्य है। दिल्ली भाजपा 22 हजार गेस्ट टीचरों को विश्वास दिलाना चाहती है कि हम हर कदम पर आपके साथ खड़े है। भारतीय जनता पार्टी की हरियाण सरकार ने अपने गेस्ट टीचरों के लिए ऐसी पालिसी बनाई है जिसके तहत शिक्षक बिना किसी बाधा के 60 साल तक अपने सेवाएं हरियाणा के स्कूलों में दे रहे हैं।
हरियाण की भाजपा सरकार ने अपने गेस्ट टीचरों को जॉब गारन्टी दी है। हरियाणा सरकार की पालिसी के आधार पर दिल्ली में गेस्ट टीचरों को जॉब गारन्टी मिलनी चाहिए दिल्ली भाजपा इसका पूर्ण समर्थन करेगी।
श्री तिवारी ने कहा कि गेस्ट टीचरों की यह समस्या गम्भीर है इसलिए आज मैं पटना जाने के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले आप लोगों के बीच यह सोच कर आया था कि दिल्ली सरकार ने जो पालिसी लागू करने की बात कही है उसकी कॉपी आप लोगों के पास होगी और उसे मैं लेकर उपराज्यपाल से मिलने जाउंगा, लेकिन दुर्भाग्य से केजरीवाल सरकार ने पालिसी की कॉपी आप लोगों को नहीं दी। आज मैने दिल्ली के उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल से गेस्ट टीचरों की समस्या पर समय मांगा और उन्होनें मुझे कल मिलने का समय दिया है।
श्री तिवारी ने कहा कि गेस्ट टीचरों की समस्याओं को हम भली- भांति समझ रहे है और दिल्ली भाजपा गेस्ट टीचरो के प्रति संवेदनशील है। केजरीवाल सरकार एक सोची समझी रणनीति के तहत गेस्ट टीचरों की सेवाओं को लेकर राजनीति कर रही है। दिल्ली सरकार को पहले से ही पता था कि गेस्ट टीचरों का कान्ट्रेक्ट 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है और जल्द आगामी चुनावो को लेकर आचार संहिता लागू होने वाली है। केजरीवाल सरकार ने गेस्ट टीचरों की समस्या पर इस समय जो कार्यवाही की है वो संदेह के घेरे में आती है। मीडिया में सस्ती लोकप्रियता हासिल करना केजरीवाल सरकार के लिए कोई नई बात नहीं है और इससे पहले भी कई बार वो ऐसा कर चुकी है।

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