भारत में स्ट्रोक के कारण विकलांगता के मामले 4 गुना अधिक

नई दिल्ली(श्रीजी एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)। आधुनिक समय में जीवन शैली में आ रहे बदलावों और लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण स्ट्रोक के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मैक्स हॉस्पिटल के न्यूरोसाइंसेस विभाग ने भारत और नेपाल के न्यूरोलॉजिस्टों और न्यूरोसर्जनों के लिए इसी विशय पर एक विषेश प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कोर्स इन लार्ज वेसल ऑक्लुजन ट्रीटमेंट (सीएलओटी)ÓÓ नामक इस प्रषिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे देश के न्यूरोसर्जनों को स्ट्रोक के उपचार और प्रबंधन में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करना है। दिन भर चले इस कार्यक्रम में भारत और नेपाल के 30 से अधिक डॉक्टरों ने भाग लिया। कार्यशाला में लार्ज वेसल ऑक्लुजन को ठीक करने के लिए मेकैनिकल थ्रोम्बेक्टोमी और स्ट्रोक को ठीक करने के लिए थ्रोम्बोलिसिस और कैरोटीड स्टेनोसिस जैसी नयी और उन्नत उपचार विधियों पर जोर दिया गया।

मैक्स हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी और इंटरवेन्शनल न्यूरोलॉजी के मुख्य कंसल्टेंट डॉ. गिरीश राजपाल ने कहा, ''पिछले पांच सालों में स्ट्रोक के उपचार में व्यापक रूप से बदलाव आया है। ब्रेन स्ट्रोक के उपचार में प्रगति होने के कारण, अब आधुनिक उपकरण न केवल क्लॉट को हटाने में सक्षम होते हैं बल्कि स्ट्रोक को भी ठीक कर देते हैं। मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी लार्ज वेसल ऑक्लुजन की पहचान और उपचार में अत्यधिक उपयोगी है। स्ट्रोक को महामारी बनने से रोकने के लिए, हमारे देश में न्यूरो इंटरवेंशनिस्ट की कमी के कारण इस तरह के उन्नत उपचार विधियों पर चर्चा की जानी चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती कुछ घंटों में उचित इलाज सबसे महत्वपूर्ण है।

विष्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, भारत जैसे विकासशील देशों में विकलांगता के 30 प्रतिषत मामलों के लिए स्ट्रोक जिम्मेदार है यह विकसित देशों की तुलना में 4 गुना अधिक है।

डॉ. राजपाल ने कहा, ''समय- समय पर निदान और नवीनतम और सुरक्षित चिकित्सा तकनीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाकर विकलांगता और मौत को रोकना संभव है। मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी इंटरवेंषनल स्ट्रोक उपचार के लिए काफी कारगर नई पद्धति है। जब इस थिरेपी के साथ मेडिकल थिरेपी का भी उपयोग किया जाता है तब यह और उत्कृश्ट साबित होती है और इसके षानदार परिणाम निकलते हैं। कई अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाषित रिपोर्टों से भी यह साबित हुआ है। एमटी एक उच्च मानक वाली प्रक्रिया है जिसमें कोई जटिलता नहीं होती है, उपचार में बहुत कम समय लगता है और उत्कृश्ट परिणाम हासिल होते हैं।ÓÓ

भारत में ऐसे विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत कम आयोजित किए गए हैं, जो विशेष रूप से स्ट्रोक प्रबंधन में नवीनतम इलाज पर जोर डालते हां। इस कार्यक्रम में इंटरैक्टिव केस सत्रों पर चर्चा की गई, मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी के महत्व पर प्रकाश डाला गया और स्ट्रोक रोगियों को बचाने के लिए न्यूरो- इंटरवेंषनिस्ट को सशक्त बनाया गया।

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