पीएम मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी राष्ट्र को समर्पित की

केवड़िया (अहमदाबाद)। एजेंसी दक्षिण गुजरात में नर्मदा बांध से तीन किलोमीटर दूर बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का आज राष्ट्र को समर्पित की गई। सरदार पटेल की जयंती के अवसर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण किया। इस मौके पर गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी के अलावा मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला समेत अन्य आमंत्रित गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।

सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण करने से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि "देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर कोटि कोटि नमन।" स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण से पहले पीएम मोदी ने वेली ऑफ फ्लावर्स और टेंट सिटी का उदघाटन किया7 बता दें कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण के लिए पीएम मोदी मंगलवार की रात अहमदाबाद पहुंच गए थे। गांधीनगर के राजभवन में रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह पीएम मोदी चौपर के जरिए नर्मदा जिले के केवडिया कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि कई बार तो मैं हैरान रह जाता हूं, जब देश में ही कुछ लोग हमारी इस मुहिम को राजनीति से जोड़कर देखते हैं। सरदार पटेल जैसे महापुरुषों, देश के सपूतों की प्रशंसा करने के लिए भी हमारी आलोचना होने लगती है। ऐसा अनुभव कराया जाता है मानो हमने बहुत बड़ा अपराध कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश को बांटने की हर तरह की कोशिश का पुरजोर जवाब दें। इसलिए हमें हर तरह से सतर्क रहना है. समाज के तौर पर एकजुट रहना है। मोदी ने कहा, सरदार पटेल का ये स्मारक उनके प्रति करोड़ों भारतीयों के सम्मान, हमारे सामर्थ्य, का प्रतीक तो है ही, ये देश की अर्थव्यवस्था, रोज़गार निर्माण का भी महत्वपूर्ण स्थान होने वाला है. इससे हज़ारों आदिवासी बहन-भाइयों को हर वर्ष सीधा रोज़गार मिलने वाला है।

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