गौ हत्या को लेकर हुई हिंसा के मामले में 27 नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

द्पुलिस ने आधा दर्जन हमलावरों को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ

द्गबजरंग दल जिला संयोजक को बनाया मुख्यारोपी, भाजयुमों नगराध्यक्ष सहित कई नामजद

द्गसोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो के आधार पर हमलवारों की पहचान कर रही पुलिस

बुलन्दशहर।श्रीजी एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क

स्याना कोतवाली क्षेत्र की चिंगरावठी पुलिस चौकी क्षेत्र के जंगल में मृत गौवंशों के अवशेष मिलने के बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 27 नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक को बवाल के मुकदमे में मुख्यारोपी बनाया है। पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक बलवाईयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने बवाल के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल किये गये वीडियो व फोटो को भी कब्जे में लेकर बलवाईयों की पहचान शुरू कर दी है, जिससे असमाजिक तत्वों में हड़कम्प मचा हुआ है। 

गौरतलब है कि सोमवार को स्याना कोतवाली क्षेत्र की चिंगरावठी पुलिस चौकी क्षेत्र के जंगल में भारी मात्रा में मृत गौवंशों के अवशेष बरामद हुए थे। बरामद गौवंशों को ग्रामीणों ने स्टेट हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया था। जाम की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों से जाम खोलने का अनुरोध किया था, मगर ग्रामीण गौवंशों के हत्यारों की गिरफ्तारी होने तक जाम न खोलने की जिद पर अड़ गये, जिसको लेकर पुलिस ने ग्रामीणों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए जाम खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस के रवैये को देखकर ग्रामीण भी उग्र हो गये।गुस्साये ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया था। पथराव के दौरान भीड़ की ओर से फायरिंग भी की गयी, जिससे पुलिसकर्मियों ने मौके से भागना शुरू कर दिया। उग्र भीड़ ने पुलिस का पीछा करते हुए सरकारी पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जबकि पुलिस टीम को घेरकर पथराव शुरू कर दिया।पथराव के दौरान पत्थर व गोली लगने से कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार की दर्दनाक मौत हो गयी। कोतवाल की मौत की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और भारी पुलिस बल की मदद से उपद्रवियों को मौके से खदेड़कर स्थिति को काबू किया। बवाल के दौरान भीड़ में शामिल सुमित नाम के युवक की भी गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गयी थी।पुलिस ने कोतवाली प्रभारी व मृतक युवक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। 

एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि पुलिस ने स्याना में हुए बवाल को लेकर 27 नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्यारोपी बनाया गया है।इसके अलावा स्याना के भाजयुमो नगराध्यक्ष शिखर अग्रवाल, विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ता उपेन्द्र राघव को भी नामजद किया गया है। नामजद आरोपी फरार बताये जा रहे है। पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक हमलावरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 और 7क्रिमिनल एमेंडमेंट लॉ के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस टीम ने घटना के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली घटना से जुड़ी वीडियो व फोटो को एकत्र कर हिंसक प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद बलवाईयों की पहचान करनी शुरू कर दी है, जिससे पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करने में आसानी होगी। 

पुुलिस ने अज्ञात गौ हत्यारों के खिलाफ भी किया मामला दर्ज

         स्याना कोतवाली क्षेत्र की चिंगरावठी पुलिस चौकी के जंगल में गौवंशों के अवशेष बरामद होने के बाद पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि जंगल में अज्ञात गौ तस्करों ने गौवंशों की हत्या कर अवशेषों को जंगल में छोड़ दिया था, जिसके बाद गुस्साये ग्रामीणों ने जाम लगाकर गौ हत्या करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।उन्होंने बताया कि पुलिस ने अज्ञात गौ हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस शीघ्र ही गौवंशों की हत्या करने वालों की तलाश में जुटी हुई है। 

मृतक इस्पेक्टर को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारिया ने दी श्रद्धांजलि

           सोमवार को हुए बवाल के दौरान बलवाईयों के हमले का शिकार हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार के मृत शरीर का पोस्टमार्टम कराये जाने के बाद उनके शव को पुलिस लाइन ग्राउंड में रखा गया। जहां एडीजी प्रशांत कुमार, आईजी रामकुमार, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, एसएसपी केबी सिंह, एसपी सिटी डा.प्रवीन रंजन सिंह, एसपी देहात, एसपी क्राइम, सीओ व अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने मृत इस्पेक्टर को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि के बाद पुलिस लाइन परिसर में ही उनकी अंतिम शव यात्रा निकाली गयी, जिसमें तमाम आलाधिकारियों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया और बाद में पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंप दिया गया। 

मृतक इंस्पेक्टर के परिजनों को 50लाख व सरकारी नौकरी की घोषणा की 

        स्याना में गौवंशों के अवशेष मिलने के बाद गुस्सायी भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव व फायरिंग करनी शुरू कर दी थी। पथराव व फायरिंग के दौरान कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह घायल हो गये थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गयी। कोतवाली प्रभारी की मौत के बाद पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। मामले को लेकर शासन ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच रिपोर्ट तलब करते हुए मृतक इंस्पेक्टर के परिजनों को 50 लाख रूपये व एक परिजन को सरकारी नौकरी की घोषणा की है । इसके अलावा असाधारण पेंशन की भी घोषणा की गयी है। 

मृतक इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को देखकर फूट पड़े परिजन

           सोमवार को स्याना कोतवाली क्षेत्र में हिंसक भीड़ के गुस्से का शिकार हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराये जाने के बाद पार्थिव शरीर को पुलिस ग्राउंड परिसर में रखा गया था। जहां पर उनके परिजन भी मौजूद थे।जैसे ही परिजनों ने मृतक इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को देखा तो चीख-चीखकर रोना शुरू कर दिया, जिससे पुलिस ग्राउंड में मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की आंखें भी नम हो गयी।पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। 

परिजनों ने मृतक इंस्पेक्टर को शहीद का दर्जा देने की मांग की

           स्याना कोतवाली क्षेत्र में मृत गौवंशों के अवशेष मिलने के बाद हिंसक भीड़ के गुस्से का शिकार हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार के परिजनों ने शासन से मांग करते हुए कहा कि सुबोध कुमार अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ऑन डयूटी मारे गये है, उन्हें नियमानुसार शहीद का दर्जा देने में सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गयी आर्थिक सहायता की उन्हें आवश्यकता नही है, बस वो सुबोध कुमार को शहीद का दर्जा व उनकी याद में शहीद स्तम्भ का निर्माण करायें, ताकि वो अन्य पुलिसकर्मियों का गौरव बन सकें। 

पुलिस की गोली से सुमित की मौत होने का दावा कर रहे परिजन

        सोमवार का दिन स्याना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के अलावा गांव चिंगरावठी निवासी सुमित पुत्र अमरजीत सिंह के परिजनों के लिए जीवन का काला दिन होगा। गौरतलब है कि सोमवार को स्याना कोतवाली क्षेत्र की चिंगरावठी पुलिस चौकी क्षेत्र के जंगल में गौवंशों के अवशेष बरामद होने के बाद गौवंशों की हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण अचानक से पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने से उग्र हो गये थे। हिंसक हुई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव व फायरिंग करनी शुरू कर दी थी, जिसमें कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के अलावा सुमित की भी गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गयी थी। सुमित की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का दावा है कि सोमवार को उसका दोस्त अरविन्द कार्ड देने के लिए घर आया था। अरविन्द को बस स्टॉप तक छोड़ने के लिए सुमित उसके साथ गया था, लेकिन रास्ते में हो रहे हिंसक प्रदर्शन के दौरान अचानक से सुमित को गोली लगी, जिससे वह गंभीर घायल हो गया। परिजन उसे आनन-फानन में मेरठ के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सुमित की मौत पुलिस की गोली लगने के कारण हुई है। वहीं पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया, मगर उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। मृतक के परिजनों ने सुमित पर गोली चलाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी सिटी डा.प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि सुमित की मौत गोली लगने से हुई है, जिसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि गोली सरकारी थी या बलवाईयों द्वारा चलायी गयी थी, यह जांच का विषय है। मृतक के परिजनों ने दावा किया कि सुमित उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा था, भर्ती के लिए उसने पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा भी दी थी, जिसका रिजल्ट आना बाकी था।परिजनों ने प्रदेश सरकार से सुमित के बड़े भाई को सरकारी नौकरी दिलाये जाने की मांग की है। 

मुख्यारोपी की गिरफ्तारी को पुलिस दे रही दबिश

          स्याना कोतवाली क्षेत्र में मृत गौवंशों के अवशेष बरामद होने के बाद हिंसक प्रदर्शन कर सरकारी सम्पति को क्षतिग्रस्त करने व कोतवाली प्रभारी की मौत के मामले में मुख्यारोपी बनाये गये बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है। पुलिस टीम फरार मुख्यारोपी योगेश राज की गिरफ्तारी को सम्भावित स्थानों पर दबिश दे रही है, मगर फरार मुख्यारोपी का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।पुलिस अधिकारियों की मानें तो पुलिस टीम शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। 

दोषियों को मिले सजा, निर्दोष को न फंसाया जाये:सांसद

            सोमवार को स्याना में मृत गौवंशों के अवशेष मिलने के बाद हुई हिंसा में भाजपा के अलावा अन्य कई हिन्दूवादी संगठनों के नाम प्रकाश में आ रहे हैं। मामले को लेकर पुलिस द्वारा भाजपा नेताओं व हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। मामले को लेकर मंगलवार को भाजपा के पदाधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्याना घटना को लेकर चर्चा की गयी। चर्चा के बाद जन प्रतिनिधियों ने विपक्षी पार्टियों पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया है। सांसद भोला सिंह ने कहा कि स्याना में गौवंशों के अवशेष बरामद होने के बाद हुई हिंसा दुखद है।विपक्षी पार्टियां भाजपा को बदनाम करने का काम रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से किसी भी निर्दोष को न फंसाने की अपील करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही उन्होंने जांच के बाद किसी भी पार्टी व संगठन का नाम न जोड़ने की भी अपील की है। 

गौवंशों के मांस खपत की भी हो जांच-देवेन्द्र सिंह लोधी

स्याना के भाजपा विधायक देवेन्द्र सिंह लोधी का कहना है कि जंगल से भारी मात्रा में गौवंशों के अवशेष बरामद हुए थे। इतने सारे गौवंशों की एक साथ हत्या करने के बाद उसका मांस कहा गया, प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए।  प्रशासन द्वारा जांच न करना भी प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराये जाने का दावा किया है। www.shreejiexpress.com exclusive

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