9.2 मिलियन यूएस डॉलर की सीरीज ए फंडिंग के साथ सलारपुरिया सत्व ग्रुप ने कोलिव के साथ मिलाया हाथ

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नई दिल्ली। भारत में युवा कामकाजी पेशेवरों और जोड़ों को पूरी तरह से प्रबंधित किराये के घर उपलब्ध कराने के लिए भारत के अग्रणी तकनीक-संचालित को-लिविंग स्पेस प्रोवाइडर कोलिव ने 9.2 मिलियन यूएस डॉलर (63 करोड़ रुपए) की सीरीज ए फंडिंग के लिए सलारपुरिया सत्व ग्रुप के साथ भागीदारी की घोषणा की है। सलारपुरिया सत्व ग्रुप के नेतृत्व में हुई नई फंडिंग कोलिव की उल्लेखनीय विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बेंगलुरु स्थित कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल अगले दो वर्षों में अपने ऑपरेशंस को 12,000 बिस्तरों से 1 लाख बिस्तरों तक ले जाने में करेगी। इसके अलावा, यह हैदराबाद, मुंबई और पुणे में भी अपनी उपस्थिति को विस्तार देगी।

फंडिंग पर बोलते हुए कोलिव के संस्थापक और सीईओ सुरेश रंगराजन ने कहा, “हमारा मिशन पूरी तरह से कामकाजी पेशेवरों, मिलेनियल्स और जेनरेशन जे़ड को किफायती दरों पर सर्वसुविधायुक्त तकनीक से सुसज्जित स्टाइलिश रहने की जगह उपलब्ध कराना है। कोलिव में हमारी कोशिश है कि हमारे सदस्य तकनीकी सक्षम वीडियो सर्विलांस आधारित सुरक्षा जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को मुहैया कराई जाए और वह भी बहुत ज्यादा खर्च की आवश्यकता के बिना। कामकाजी पेशेवर और युवा जोड़े अपनी लाइफस्टाइल को अपग्रेड कर सकते हैं और कोलिव के साथ रहने को एक बेहतरीन अनुभव बना सकते हैं। इससे उन्हें समुदाय में अपना जैसा सोचने वाले लोग मिलते हैं, जिससे उनके लिए रहने का अनुभव और भी मजेदार हो जाएगा! हमारी नई फंडिंग और सलारपुरिया सत्व समूह के सहयोग से हम कोलिव को एक पूरी तरह फुल-स्टैक, टेक-ड्रिवन प्लेटफार्म में तब्दील कर सकते हैं। इसके अलावा, हम को-लिविंग उद्देश्यों के लिए बिल्ट-इन-सूट मॉडल इन्वेन्ट्री में निवेश की योजना बना रहे हैं।

अपनी अंतर्दृष्टि को साझा करते हुए सलारपुरिया सत्व ग्रुप के एमडी बिजय अग्रवाल ने टिप्पणी की, “हमारा मानना है कि कोलिविंग भारत में अगली बड़ी वेव बनने जा रही है, जो विशेष रूप से आईटी हब शहरों में रियल एस्टेट परिदृश्य को बदल देगी। आजकल, मिलेनियल्स एक शहर से दूसरे शहर और शहर के भीतर भी मूव करते हैं और प्रत्येक मूव के साथ उनके लिए रहने का स्थान खोजने और सारी व्यवस्ताएं जुटाने की चिंता करनी होती है। को-लिविंग उन्हें समुदाय के साथ रहने, सुरक्षा और कई अन्य सेवाओं के साथ बड़ी राहत प्रदान करते हैं। हम खुद बिल्ट-टू-सूट रियल एस्टेट विकसित करने को प्राथमिकता देते हैं जो खासकर को-लिविंग की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि को-लिविंग से थोड़े ही समय में किराये की वजह से स्थिर आय शुरू होने लगेगी।

 

 

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