मथुरा लोकसभा चुनाव २०१९ सीट के नामांकन का आखरी दिन

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कमलकांत उपमन्यु वरिष्ट पत्रकार की कलम से
मथुरा(श्रीजी एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)। मैं आज कलेक्ट्रेट नजारा लेने और माजरा देखने गया था के लोगों ने जगह-जगह मुझे रोका और दनादन प्रश्नों की बौछार की यह चुनाव आगे किस करवट बैठेगा यह तो अभी भविष्य के घर हो में हैं पर लोगों के यक्ष प्रश्नों के उत्तर किसी के पास नहीं है राजनीति की समझ रखने वाले लोग आश्चर्यचकित है कलेक्ट्रेट पर पर घूमते समय एक एक पल बहुत कुछ बयां कर गया.. जिन लोगों ने लोकसभा चुनाव के नामांकन के दौड़ के समय का दौर देखा है किसे टिकट मिली कि से टिकट नहीं मिलनी चाहिए थी किसके साथ भीड़ रही किसके साथ भीड़ की अछूत की बीमारी सी रही किस किस के साथ कौन-कौन परचा भर वाते नजर आए किस-किस ने अपने प्रत्यासी या अपने दल से दूरी बनाना बेहतर समझा भाजपा में बड़े नेताओं में तू तू मैं मैं के बाद की खामोशी क्या गुल खिलाएगी

गुट गुट में नजर आए दल
और गुटर गू करते नजर आए महागठबंधन के नेता
महागठबंधन प्रत्याशी के लिए जयंत की गुटर गू आगे क्या असर दिखाइए यह वक्त बताएगा
कांग्रेश के प्रत्याशी से कांग्रेसियों ने ही क्यों दूरी बनाई
भाजपा में सब कुछ क्यों ठीक नहीं
दल दल में नजर आए भाजपाई
प्रदीप माथुर को खूब पड़ रही है गालियां
जयंत के मनाने पर अनूप तो मने पर तेजपाल क्यों नहीं माने
भाई के खड़े होने पर भाई ने क्यों की बगावत
चंदन सिंह जी को क्यों है दल बदल की बीमारी

भाई से भाई की दगाबाजी क्या दाग छोड़ेगी

कांग्रेस में कैथरा के नाम से मशहूर नेता को क्यों मिल रही है गालियां
कलेक्ट्रेट पर जागरूक मतदाता यह देखने जरूर गया के किस की क्या हैसियत आगामी चुनाव में होगी इस दौर में उसने नेताओं को अपने दल के साथ दगा करते देखा उसने एक ही दल के नेताओं को आपस में टकराते देखा गाली गलौज करते देखा महागठबंधन को घटते देखा भाजपाइयों को झगड़ते देखा यह चुनाव में आगे जाकर क्या असर दिखाएगा या वक्त बताएगा

आक्रोशित कांग्रेसियों की प्रदीप को चेतावनी


एक स्थान पर मुझे कुछ कांग्रेसियों ने पकड़ लिया और बोले पत्रकार साहब एक बात बताइए कि कांग्रेस में यह कैथरा किसी को आगे क्यों नहीं बढ़ने देता
हर समय ऊपरी नेता इसकी क्यों मानते हैं मैंने कहा कि कैथरा किस को कहते हैं आपके यहां बोले आप सब जानते हो हम प्रदीप माथुर को कह रहे हैं। देखिए आजकल जाति समीकरण से चुनाव लड़ा जाता है इस माथुर की जाति के यहां उंगलियों पर वोट हैं पर जनता ने कभी नहीं देखा और हमेशा ऐसे सर आंखों पर रखा पर इसने कभी किसी नेता या अन्य व्यक्ति को पनपने नहीं दिया प्रदीप माथुर अपने स्वार्थ की राजनीति करते हैं ना दल की करते और ना किसी अन्य को उभारने देते हैं जब रविकांत गर्ग और मुरारी लाल अग्रवाल विजय सेठ जैसे व्यापारी नेताओं को हराना था तो ब्राह्मण समाज को तरह तरह से अपनी ओर आकर्षित किया और बाजी अपने नाम की और जब स्वामी रामस्वरूप शर्मा एवं अन्य प्रत्याशियों से मुकाबले की नौबत आई तो वैश्य समाज को तरह तरह से अपनी और प्रभावित किया। कलेक्ट्रेट पर कांग्रेसियों ने ही यह भी बताया इसने दोस्ती भी हमेशा दगा ही किया है डॉ अशोक अग्रवाल के साथ दोस्ती हो या नरेंद्र सिंह या मलिका अरोड़ा या उमेश पंडित इसने सभी को छला और दगा किया। प्रदीप माथुर ने अपने कद को ऊपर बनाए रखने के लिए उंगली पर गिनने लायक कांग्रेसियों को पद आसीन कर रखा है यह नहीं चाहता यहां पर कांग्रेस मजबूत हो या अन्य कोई नेतृत्व उभर कर के सामने आए अब कांग्रेस ने महेश पाठक को प्रत्याशी बना दिया है तो इसको इतनी चिढ़ है कि ना तो खुद नामांकन कराने आया और ना ही इसने शहर के कथित अध्यक्ष और कथित जिलाध्यक्ष को भेजा नामांकन कराने भेजा यह सब क्या है कांग्रेसियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा या तो यह समय रहते पूरे दमखम से कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने के लिए जुड़ जाए वरना आक्रोशित कांग्रेसियों ने कहा कि चुनाव बाद इससे सीधे-सीधे सवाल जवाब किया जाएगा

दगाबाज भाई को सबक मिलेगा
महा गठबंधन के के प्रत्याशी नरेंद्र सिंह के समर्थन में पर्चा भर वाने आए आक्रोशित सजातीय समर्थकों का कहना था कि भाई ने जो दगा किया है उसको आगामी चुनावों में ऐसा सबक सिखाएंगे कि वह हमेशा याद रहेगा आक्रोशित सजातीय मतदाता तो यहां तक कह रहे थे भाई के लिए ये प्रत्याशी हमेशा लड़ते झगड़ते रहे केस दर्ज होते रहे गुंडा और संगीन अपराधों में राजनीतिक शिकार बनते रहे पर भाई पर आंच नहीं आने दी और भाई को हमेशा सिर पर बैठाए रखा रखा चुनाव लडाया भी और जिताया भी और अब जब छोटे भाई को कोई मौका मिला ऊपर बढ़ने का तो भाई ने ही दगा कर दी इस दगाबाजी का इनाम इन्हें आगामी चुनावों में हम जरूर देंगे।
पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह 29 को करेंगे फैसला
दमदार दावेदारी के बाद भी गठबंधन से रालोद प्रत्याशी ना बनाए जाने पर पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह नाराज बताए जाते हैं रालोद मुखिया जयंत चौधरी उन्हें मनाने भी गए पर उन्होंने कहा है कि 29 को समर्थकों की राय के बाद आगे का फैसला करेंगे।
दलदल में बटे भाजपाई, कैसे खिलाएंगे फूल
एक स्थान पर बैठे भाजपाइयों ने रोका और पूछा हमारे दिल में नेताओं के दिल कब मिलेंगे कहीं यह बनी बनाई दाल में कंकड़ तो नहीं डाल देंगे।

भाजपा में इन दिनों जमकर बवाल मचा हुआ है बड़े-बड़े नेताओं में एक दूसरे को सबक सिखाने की होड़ मची हुई है संगठित और संस्कारित कहे जाने वाली भाजपा में पहला दौर है जब तू तू मैं मैं खूब चर्चा में बनी हुई है हेमा जी को लेकर के जितना हाय तोबा नहीं है उतना समर्थकों ने बना रखा है गुटों में बैठे हुए हैं स्थानीय पदाधिकारी समय रहते इन्हें एक न किया गया तो परिणाम चौंकाने वाले भी हो सकते हैं

दमदार प्रत्याशी बनकर उभरे महेश पाठक क्या इस चुनाव को त्रिकोणीय रूप दे पाएंगे


कलेक्ट्रेट पर सामान्य मतदाता जब चर्चा करता है तो प्रत्याशियों की ओर देख कर के कहता है कांग्रेश प्रत्याशी दमदार तो है पर यह त्रिकोणीय संघर्ष बना पाएंगे या नहीं इसमें संशय है अगर कांग्रेश एकजुट होकर के लड़ती तो परिणाम कुछ और होते काश समय रहते प्रदीप माथुर को सद्बुद्धि आए

विचारों बन गए हो गठबंधन प्रत्याशी


मतदाता महा गठबंधन के प्रत्याशी के बारे में बताते हैं कि महा गठबंधन के प्रत्याशी नरेंद्र सिंह इन दोनों बिचारे बने हुए एक तो उनके भाई ने बगावत कर दी है वहीं बड़े नेता अभी दूरी बनाए हुए हैं अगर भाई ने बगावत ना की होती और गठबंधन के बड़े नेता साथ होते तो परिणाम अच्छा रहता

हेमा की कोई कमी ना आए
भाजपाई बताते हैं कि हेमा जी की तो कोई गलती नहीं है बस छोट छोटे नेताओं को अपनी अपनी दुकान चलानी है इसीलिए इस समय अपना वजूद दिखा रहे हैं दलदल में बिखरते जा रहे भाजपाई अगर एक नहीं हुए तो मोदी मिशन को झटका लग सकता है
छोटे दल के प्रत्याशी भी बिगाड़ सकते हैं खेल
कई ऐसे छोटे दल के प्रत्याशी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी बड़े दलों के प्रत्याशियों के गोश्त खाता कर सकते हैं अगर जीत का अंतर कम मतों में रहा तो ऐसे दलों के प्रत्याशियों के वोटों से हार जीत परिवर्तित हो सकती है

चलते चलते अब पियक्कड़ मतदाताओं की भी सुनो
पेट्रोल पंप के पास कुछ मदहोश मतदाता भी चर्चा करते नजर आए उनका कहना था इस बार चुनाव में महीना वर मजा आ गया असल में ब्रज की होली तो अब शुरू हुई है सबरे प्रत्याशी दामन वारे हैं तो खूब जम के पैसा लुटेगो अब नए कपड़ा बनेंगे और रोज पीने को मिलेगी और जो नहीं मानेगो बाय हम बाय-बाय करेंगे।

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