हरियाणा के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं कई योजनाएं

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चण्डीगढ़ (श्रीजी एक्सप्रेस ब्यूरो)। हरियाणा के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। सौर ऊर्जा के उपकरणों पर दी जा रही सब्सिडी से आज प्रदेशवासियों का रुझान इसकी तरफ बढ़ रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ छोटी ढाणियों में भी यह बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। इसके उपयोग से जहां बिजली के बिलों में बचत हो रही है वहीं पर्यावरण भी स्वच्छ रहता है।
आज यहां जारी एक बयान में श्री रणजीत सिंह ने बताया कि मनोहर ज्योति योजना के तहत हर परिवार को एक 150 वॉट का सोलर सिस्टम दिया जाता है जिसमें सोलर सिस्टम के साथ लीथियम की बैटरी भी दी जाती है। इस सिस्टम से 3 एलईडी लाइट, एक पंखा और मोबाइल चार्जिंग पोर्ट चलाया जा सकता है। योजना के तहत 150 वॉट के सोलर पैनल समेत तमाम सामान की लागत केवल 22,500 रुपए आती है। इस पर हरियाणा सरकार 15 हजार रुपए की सब्सिडी दे रही है। लाभार्थी 7500 रुपए जमा करवा कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मनोहर ज्योति योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक को आधार कार्ड, आधार नंबर से जुड़ा बैंक खाता, हरियाणा का निवासी होने का मूल निवासी प्रमाण पत्र आदि दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी। इस योजना के तहत घर पर सोलर पैनल लगवाने हेतु आवेदन करने के लिए द्धड्डह्म्द्गस्रड्ड.द्दश1.द्बठ्ठ वेबसाइट पर जाना होगा। अधिक जानकारी के लिए 0172-2586933 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
बिजली मंत्री ने बताया कि खेतों में सौर पम्पों के माध्यम से सिंचाई भी बेहद कामयाब और फायदेमंद साबित हो रही है। सरकार द्वारा किसानों को सौर पंप पर भी अच्छी खासी सब्सिडी दी जा रही है। यह पम्प लगाकर किसान डीजल पर होने वाले भारी-भरकम खर्च से बच सकते हैं। योजना के तहत 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी तक सौर पंप उपलब्ध हैं । इन पम्पों पर किसान को केवल 25 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा बाकी की 75 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुदान का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा, जो अपने खेत में स्प्रिंकलर सैट (फव्वारा सिस्टम), ड्रिप सिस्टम (टपका सिंचाई) या फिर भूमिगत पाइप लाइन का उपयोग करेंगे।
श्री रणजीत सिंह ने बताया कि सरकार ने घरेलू, संस्थानिक एवं वाणिज्यिक भवनों के बिजली बिलों में कमी लाने के लिए ग्रिड आधारित रूफ टॉप पावर प्लांट लगाने वालों को भी अनुदान देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत एक से 10 केडब्ल्यू के घरेलू पावर प्लांट पर 40 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।
बिजली मंत्री ने बताया कि राज्य में सबसे अधिक सोलर पावर प्लांट सिरसा जिले में स्थापित किए गए हैं। जिले की 93 गौशालाओं में इस तरह के प्लांट लगाए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 300 किलोवॉट से अधिक है। इनमें 28 बैटरी के साथ तथा 65 बिना बैटरी के हैं और सभी सिस्टम ग्रिड से जोड़े गए हैं। इसके अलावा, जिले के 10 पीएचसी व सीएचसी में 5 किलोवॉट व 10 किलोवॉट के पावर प्लांट बैटरी बैंक के साथ लगाए जा चुके हैं ताकि इनमें निर्बाध रूप से बिजली उपलब्धता बनी रहे। जिले में सभी छ: आरोही व छ: कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में भी कनेक्टिड पावर प्लांट स्थापित किए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 150 किलोवॉट है। विभिन्न कंपनियों द्वारा जिले विभिन्न गांवों में 10 मैगावॉट से लेकर 150 मैगावॉट तक के प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
श्री रणजीत सिंह ने बताया कि बिजली की बचत करना बिजली उत्पादन करने से भी अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए विभिन्न माध्यमों के द्वारा लोगों को बिजली यानी ऊर्जा की बचत करने के लिए ने प्रेरित किया जाता है। पिछले वर्ष 15 स्कूलों में एलईडी बल्ब, फाइव स्टार सीलिंग फैन आदि ऊर्जा दक्ष उपकरण प्रदान किए गए ताकि स्कूली बच्चे ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण के महत्व को समझें और उनके माध्यम से उनके परिवारों एवं मित्रों को भी यह संदेश जाए।

post by tisha varshney

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