कोविड-19 के अब तक कुल 45,299 रोगी ठीक हो चुके हैं

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भारत सरकार कोविड-19 की रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन के लिए क्रमिक, अग्रक्रय और पहले से ही सक्रिय नजरिया अपनाते हुए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विभिन्न उपाय कर रही है। इनकी उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है।
कोविड-19 के अब तक कुल 45,299 रोगी ठीक हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के कुल 3,002 मरीज ठीक हुए हैं। कोविड-19 के रोगियों के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने की दर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जो अभी 40.32 प्रतिशतपर पहुंच गई है। भारत में अभी कुल 63,624 सक्रिय मामले हैं। इन सबका सक्रिय चिकित्सकीय देखभाल में इलाज चल रहा है। कोविड-19 के सभी सक्रिय मामलों में से सिर्फ लगभग 2.94 प्रतिशतरोगी ही आईसीयू में भर्ती हैं।
भारत में कोविड-19 रोगियों की मृत्यु दर 3.06 प्रतिशतहै जो वैश्विक मृत्यु दर 6.65 प्रतिशतकी तुलना में काफी कम है। यह स्थिति समय से मामले की पहचान कर लेने और फिर इनके लिए उचित चिकित्सकीय प्रबंधन की ओर हमारी कोशिशों को उजागर करती है।
कोविड-19 से हुई मौतों का विश्लेषण बताता है कि मरने वालों में 64 प्रतिशतपुरुष और 36 प्रतिशतमहिलाएं हैं। उम्र के हिसाब से इसका आकलन बताता है कि 15 साल से कम उम्र समूह में 0.5 प्रतिशत, 15 से 30 वर्ष के उम्र समूह में 2.5 प्रतिशत, 30 से 45 वर्ष उम्र समूह में 11.4 प्रतिशथ, 45 से 60 वर्ष उम्र समूह में 35.1 प्रतिशतऔर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में 50.5 प्रतिशतमौतें हुईं। इसके अलावा यह भी पाया गया कि मरने वालों में 73 प्रतिशतलोग पहले से ही किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त थे। कोविड-19 बीमारी के लिए वयस्क लोग (60 वर्ष से अधिक उम्र) और पहले से ही अस्वस्थ लोग आसान शिकार हैं। इनको कोविड-19 के लिए सबसे अधिक जोखिम वाले समूह में रखा गया है।
यह सलाह दी जाती है कि कोविड-19 के लिए उचित व्यावहारिक सतर्कता पर सामाजिक जागरूकता इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है। व्यक्तिगत साफ-सफाई, हाथों की सफाई, सांस लेने के दौरान छींक आने पर बरती जाने वाली सावधानियों और पर्यावरण की सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढकने के लिए फेस कवर और मास्क का इस्तेमाल और एक दूसरे से दूरी बनाए रखने की सतर्कता का पालन करना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। उच्च जोखिम वाले लोगों को घर पर ही रहना चाहिए। अति आवश्यक होने या फिर इलाज कराने के उद्देश्य से ही उन्हें घर से बाहर के लिए निकलना चाहिए।

post by nirmal kumar

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