राजनाथ की अध्यक्षता में बैठक संपन्न, 3 सूत्रीय प्रस्ताव पास

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The Union Home Minister, Shri Rajnath Singh chairing a meeting of floor leaders of political parties in both houses of parliament, to hold consultations in the wake of the Pulwama attack, in New Delhi on February 16, 2019.

नई दिल्ली। श्रीजी एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क
गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक में नेताओं को पुलवामा हमले के बारे में जानकारी दी गई।
मीटिंग के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मामले में अपनी सेना और सरकार के साथ मजबूती के साथ खड़ा है। वहीं, बैठक की जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि कश्मीर की आम जनता राज्य में अमन चाहती है, वह देश के साथ खड़ी है। राज्य में कुछ ऐसे तत्व हैं, जो सीमा पार से समर्थित आतंकियों की मदद करते हैं, ऐसे लोग कश्मीर के दुश्मन हैं। वे कश्मीर में अमन चैन नहीं चाहते हैं। देश आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। तोमर ने बताया कि बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम सब एकजुट होकर आतंकवाद को उखाड़ फेंकेंगे। जम्मू-कश्मीर में अमन चैन पूरी तरह से बहाल होगा। अल्प सूचना पर दलों के नेता आए, इसका गृह मंत्री ने आभार जताया। सभी दलों के नेताओं ने मौन रखकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
वहीं, कांग्रेस के नेता आजाद ने कहा, हम देश की एकता, अखंडता के लिए सरकार और सुरक्षा बलों के साथ हैं। कश्मीर हो या देश का कोई दूसरा हिस्सा, कांग्रेस पार्टी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार को पूरा समर्थन देती है। उन्होंने आगे कहा, मैंने गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि वह पीएम से हमारी तरफ से निवेदन करें कि वह सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के अध्यक्षों की मीटिंग बुलाकर विचार-विमर्श करें। इस बात का दूसरे दलों ने भी समर्थन दिया है।
बैठक में प्रस्ताव पास
1- इसके तहत 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई। प्रस्ताव में कहा गया, देशवासियों के साथ हम इस दुख की घड़ी में शहीदों के परिवारों के साथ खड़े हैं।
2- हम सीमा पार से समर्थन मिल रहे आतंकवाद के हर स्वरूप की निंदा करते हैं।
3- पिछले 3 दशकों से भारत सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है। भारत में फैले आतंकवाद को सीमा पार से प्रोत्साहन मिल रहा है। भारत इन चुनौतियों का मिलकर मुकाबला कर रहा है। इस लड़ाई में पूरा देश एकसाथ है। हम आतंकवाद से लड़ाई में अपने सुरक्षा बलों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
बैठक में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय एवं डेरेक ओ ब्रायन, शिवसेना के संजय राउत, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के जितेंद्र रेड्डी, भाकपा के डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला और लोजपा के रामविलास पासवान समेत कई अन्य नेता शामिल थे। अकाली दल के नरेश गुजराल, रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा एवं राजद के जय प्रकाश नारायण यादव भी इस बैठक में शामिल हैं। सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा भी मौजूद हैं। ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक में सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए हैं। पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। राजनीतिक पार्टियों ने हमले के बाद एकजुटता दिखाई है और इस मामले में राजग सरकार की कार्रवाई को अपना समर्थन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उनकी सरकार ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भीतर अलग-थलग करने के लिए कूटनीतिक आक्रामकता दिखानी शुरू कर दी है।

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