राष्ट्रपति ने नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किये

0
39

नई दिल्ली(श्रीजी एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र (आरबीसीसी) में आयोजित एक समारोह में नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किये।
महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा गठित नारी शक्ति पुरस्कार राष्ट्रीय पुरस्कार हैं, जिन्हें प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को महिला सशक्तिकरण की दिशा में असाधारण योगदान और विशिष्ट कार्य को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है। इसके साथ-साथ यह उन महिला शक्ति को सम्मान और पहचान देने का भी प्रतीक है जिन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में विशिष्ट भूमिका निराष्ट्रपति ने नारी शक्ति पुरस्कार 2019 प्रदान किए
समाज में किए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए 15 महिलाओं को सम्मानित किया गया


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में वर्ष 2019 के लिए नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किए। यह पुरस्कार 15 प्रतिष्ठित महिलाओं को विशेष रूप से असहाय और वंचित महिलाओं के उत्थान की दिशा में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रदान किये गये। नारी शक्ति पुरस्कार के लिए नामित केरल के कोल्लम के अलाप्पुझा की भागीरथी अम्मा पुरस्कार प्राप्त करने के लिए दिल्ली नहीं आ सकीं।नारी शक्ति पुरस्कार महिला और बाल विकास मंत्रालय की एक पहल है जो व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा समाज में महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव की दिशा में किए गए असाधारण योगदान को स्वीकारोक्ति देने के रूप में मनाया जाता है। इन उत्कृष्ट महिलाओं ने सतत विकास लक्ष्यों के लिए 2030 एजेंडा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ये पुरस्कार समाज की उन्नति में महिलाओं को समान भागीदारी के रूप में मान्यता देने का एक प्रयास है।

पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आयु, क्षेत्रीय बाधाओं अथवा संसाधनों परवाह नहीं की। उनकी यह अदम्य भावना समाज में व्यापक स्तर पर युवा भारतीयों की सोच, विशेष रूप से न सिर्फ लैंगिक रूढ़िवादियों को तोड़ने अपितु लैंगिक असमानता और भेदभाव को समाप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। वर्ष 2019 के नारी शक्ति पुरस्कार विजेता कृषि, खेल, हस्तशिल्प, वनीकरण और वन्यजीव संरक्षण, सशस्त्र बलों और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्रों से हैं।पुरस्कार समारोह से पूर्व, आरबीसीसी में दर्शकों के लिए स्वच्छ भारत- भारत की स्वच्छता कहानी पर एक विशेष प्रस्तुति का भी आयोजन किया गया। यह लघु फिल्म स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण भारत में हुए व्यापक व्यवहार परिवर्तन और 55 करोड़ से अधिक लोगों को खुले में शौच की पुरानी प्रथा से दूर करने में महिलाओं की अहम भूमिका को दिखाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here